भारत में गरीबों के सामने मुख्य समस्याएं और मुद्दे बहुआयामी हैं。इनमें आजीविका की असुरक्षा, बुनियादी स्वास्थ्य व शिक्षा तक सीमित पहुंच, सामाजिक असमानता और महंगाई प्रमुख हैं。इन चुनौतियों के समाधान और गरीबों को सशक्त बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं
प्रमुख मुद्दे (Key Issues)
- रोजी-रोटी और बेरोजगारी: ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि पर निर्भरता और शहरों में असंगठित क्षेत्र (Informal Sector) में कम आय व मौसमी रोजगार गरीबों की सबसे बड़ी समस्या है。
- स्वास्थ्य और पोषण: महंगी चिकित्सा और कुपोषण के कारण गरीब परिवारों की उत्पादकता घटती है और वे कर्ज के जाल में फंस जाते हैं
- आवास और बुनियादी सुविधाएं: स्वच्छ पेयजल, पक्के मकान और स्वच्छता सुविधाओं की कमी के कारण खराब जीवन स्तर
- शिक्षा और कौशल का अभाव: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच न होने के कारण अगली पीढ़ी भी कम आय वाले कार्यों में फंसी रहती है
- सामाजिक भेदभाव: जाति, वर्ग या लिंग आधारित भेदभाव के कारण समाज के कुछ वंचित वर्गों की आर्थिक प्रगति बाधित होती है
सरकारी योजनाएं और समाधान (Key Interventions)
- आवास: प्रधानमंत्री आवास योजना (PM AAY) के तहत ग्रामीण और शहरी गरीबों को पक्के घर उपलब्ध कराए जा रहे हैं。
- स्वास्थ्य: आयुष्मान भारत योजना के जरिए पात्र परिवारों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
- खाद्य सुरक्षा: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत कम कीमत पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है。
- आजीविका और वित्तीय समावेशन: जन धन योजना के जरिए बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना और DAY-NRLM के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) को बढ़ावा
गरीबी उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और बहुआयामी गरीबी में आ रही गिरावट की विस्तृत चर्चा के लिए: